प्रस्तुति
कांजी वड़ा (Kanji Vada) उत्तर भारत की एक बहुत ही प्रसिद्ध और पारंपरिक डिश है, खासकर Holi के अवसर पर इसे विशेष रूप से बनाया जाता है। यह स्वाद में खट्टा, तीखा और हल्का मसालेदार होता है। कांजी एक तरह का fermented पानी होता है जिसमें राई, लाल मिर्च और अन्य मसालों का स्वाद घुला होता है। इसमें डाले जाने वाले मूंग दाल के वड़े इसे और भी स्वादिष्ट बना देते हैं।
कांजी वड़ा न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि पाचन के लिए भी लाभकारी माना जाता है, क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से फर्मेंट होकर तैयार होता है। गर्मियों के मौसम में यह शरीर को ठंडक देने का भी काम करता है।
अगर आप इस होली में कुछ पारंपरिक और हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है। आप इसे जरूर ट्राई करें यह आपको बहुत पसंद आएगी।
कांजी वड़ा (Kanji Vada) के फायदे
यह पाचन में सहायक होता है। फर्मेंटेड होने के कारण इसमें अच्छे बैक्टीरिया होते हैं। कांजी बड़ा के पानी से गर्मियों में शरीर को ठंडक मिलता है।
यह कम मसालेदार और हल्का होने के कारण आसानी से पच जाता है।
ध्यान रखने वाली बातें
कांजी हमेशा साफ और सूखे बर्तन में ही बनाएं।
प्लास्टिक की जगह कांच या मिट्टी का बर्तन बेहतर रहता है।
बहुत ज्यादा खट्टा न होने दें, वरना स्वाद बिगड़ सकता है।
अगर मौसम ठंडा है तो कांजी को 3–4 दिन तक भी रखना पड़ सकता है।

कांजी वड़ा (Kanji Vada) बनाने के लिए सामग्री
| पानी | 4–5 गिलास |
| पीली राई (दरदरी पिसी हुई) | 2 बड़े चम्मच |
| लाल मिर्च पाउडर | 1 छोटा चम्मच |
| हल्दी | ½ छोटा चम्मच |
| नमक (स्वाद अनुसार) | 1 छोटा चम्मच |
| हींग | 1 चुटकी |
| मूंग दाल (धुली हुई) | 1 कप |
| हरी मिर्च | 1 |
| अदरक | 1 छोटा टुकड़ा |
| नमक | स्वाद अनुसार |
| तेल | (तलने के लिए) |
कांजी वड़ा बनाने की विधि
कांजी तैयार करना
सबसे पहले एक साफ कांच या मिट्टी का बर्तन लें। उसमें 4–5 गिलास उबला और ठंडा किया हुआ पानी डालें। अब उसमें दरदरी पिसी हुई राई, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, नमक और हींग डालकर अच्छी तरह मिला लें।
बर्तन को ढककर 2–3 दिनों के लिए धूप में रख दें। दिन में एक बार लकड़ी के चम्मच से हिला दें। 2–3 दिन बाद पानी हल्का खट्टा हो जाएगा – यही कांजी है।

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वड़े (Kanji Vada) तैयार करना
मूंग दाल को 4–5 घंटे के लिए पानी में भिगो दें।
पानी निकालकर दाल को हरी मिर्च और अदरक के साथ पीस लें।
पेस्ट ज्यादा पतला न हो।
इसमें नमक मिलाएँ और मिश्रण को 4–5 मिनट तक अच्छी तरह फेंट लें, ताकि वड़े फूले-फूले बनें।
अब कढ़ाई में तेल गरम करें।
छोटे-छोटे गोले बनाकर मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तल लें।
तले हुए वड़ों को 10–15 मिनट के लिए गुनगुने पानी में डाल दें। इससे वे नरम हो जाएंगे।

कांजी में वड़े (Kanji Vada) डालना
जब कांजी अच्छी तरह खट्टी हो जाए, तब पानी से वड़े निकालकर हल्के हाथ से दबाकर अतिरिक्त पानी निकाल दें।
अब इन्हें कांजी में डाल दें।
1–2 दिन और ढककर रख दें ताकि वड़े कांजी का स्वाद अच्छी तरह सोख लें।
परोसने का तरीका
कांजी वड़ा (Kanji Vada) ठंडा-ठंडा परोसा जाता है। आप इसे दोपहर के खाने के साथ या शाम के नाश्ते में परोस सकती हैं। ऊपर से थोड़ा भुना जीरा पाउडर छिड़कने से इसका स्वाद और बढ़ जाता है।